राहुल शर्मा
सोनभद्र/चोपन थाना क्षेत्र के मितापुर गांव स्थित सोन नदी में बुधवार को हुए दर्दनाक हादसे के बाद गुरुवार को करीब 25 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद डूबे तीन युवकों में से दो के शव बरामद कर लिए गए। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, स्थानीय पुलिस और गोताखोरों की संयुक्त टीम ने रेस्क्यू अभियान चलाकर 18 वर्षीय संदीप निषाद पुत्र रविंदर और 10 वर्षीय दीपक केवट पुत्र भगवान दास का शव नदी से बाहर निकाला। वहीं 16 वर्षीय बोल बम केवट पुत्र लोधी केवट की तलाश लगातार जारी है। शव बरामद होते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई और घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुटे हैं। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। ओबरा तहसील की राजस्व टीम, थाना प्रभारी गोपाल जी गुप्ता सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर डटे हुए हैं। बताया गया कि मितापुर निवासी रंतन केवट की बेटी की शादी के चौथी कार्यक्रम में शामिल होने आए दीपक और बोल बम परिजनों के साथ सोन नदी में नहाने गए थे, जहां दोनों गहरे पानी में डूब गए। इसके बाद संदीप भी नदी में डूब गया। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस द्वारा दौड़ाए जाने के कारण संदीप ने नदी में छलांग लगाई, जिससे उसकी मौत हुई। हालांकि प्रशासन ने इस आरोप को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि संदीप की मौत भी नहाने के दौरान डूबने से हुई है। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका आरोप है कि निर्धारित क्षेत्र से बाहर हो रहे अवैध बालू खनन के कारण नदी गहरी और दलदली हो गई है, जिससे अक्सर लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं। ग्रामीणों ने अवैध बालू खनन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग की है। वहीं तीसरे युवक की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है।
