सात-दिवसीय विशेष शिविर का पांचवा दिन; राष्ट्र निर्माण का आध्यात्मिक संदर्भ
अमर नाथ शर्मा
शक्तिनगर सोनभद्र- महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ एनटीपीसी परिसर शक्तिनगर राष्ट्रीय सेवा योजना: इकाई प्रथम एवं तृतीय के संयोजन में सात-दिवसीय विशेष शिविर (दिन-रत) के पांचवे दिन 19 मार्च 2024 को चिल्काडांड स्थित पंचायत भवन में 'शांति पाठ' के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। शिविर के प्रथम भाग में अन्त:क्रियात्मक सत्र का आयोजन हुआ जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में पाणी पंकज पाण्डेय, वरिष्ठ प्रबंधक मानव संसाधन, एनसीएल सिंगरौली ने सहभाग किया। अपने "राष्ट्र निर्माण में आध्यात्म की भूमिका" विषय पर विचार विमर्श करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण का एक प्रमुख तत्व मानव है और यह मूल्यों का एक पूंज भी है। आत्म विकास से मानव मूल्य सृजित होते हैं जो पारिस्थितिक तंत्र को नियंत्रित करते हैं। सृष्टि का प्रत्येक तत्व सतत् समाज निर्माण का आधार है। शिविर के द्वितीय सत्र में 'भाषा और राष्ट्रीय एकीकरण' विषय पर विचार करते हुए डाॅ मानिक चंद पाण्डेय वरिष्ठ प्राध्यापक हिन्दी, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ शक्तिनगर परिसर ने जोर दिया कि भाषा दिलों को जोड़ने का काम करती है,अत: भारतीय सामाजिक एकीकरण के लिए भाषाई विविधता में एकता के प्रयास की आवश्यकता है।
साथ ही साथ इसमें एनएसएस महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इसी क्रम में डॉ रणबीर प्रताप सिंह प्राध्यापक अंग्रेजी विभाग ने एनएसएस की स्थापना और राष्ट्र निर्माण में युवा सहभागिता पर प्रकाश डाला। डाॅ दिनेश कुमार वरिष्ठ प्राध्यापक वाणिज्य संकाय ने एनएसएस लक्ष्य गीत का गायन प्रस्तुत किया। डाॅ महेश कुमार श्रीवास्तव वरिष्ठ प्राध्यापक संस्कृत ने एनएसएस को हम सुधरेंगे जग सुधरेगा के नारे से जोड़कर कर्तब्य और अधिकार को परिभाषित किया। कार्यक्रम अधिकारी डाॅ प्रभाकर लाल ने अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया और डाॅ विनोद कुमार पाण्डेय कार्यक्रम अधिकारी ने मंच का संचालन किया। भोजनावकाश के पश्चात स्वयंसेवकों द्वारा भाषण प्रतियोगिता का आयोजन हुआ जिसमें डाॅ छोटेलाल प्रसाद, डाॅ मृतुंजय कुमार पाण्डेय, डॉ अविनाश कुमार दुबे और अमित कुमार सिंह ने सहभाग किया। शिविर में स्वयंसेविका ज्योति, सपना और आर चित्रा ने कविता पाठ किया। विशेष शिविर 15 मार्च 2024 से 21 मार्च 2024 तक पंचायत भवन चिल्काडांड ग्राम में 100 स्वयंसेवक और 02 कार्यक्रम अधिकारी डाॅ प्रभाकर लाल और डाॅ० विनोद कुमार पाण्डेय के निर्देशन में पूर्ण होना है जिसमें अनीष, संदीप, विनित, मनीष, शिवम, विनित, हरिओम, पूजा, पूनम, नम्रता,अस्मिता, ग्रेसी, खुशी का सराहनीय योगदान रहा।
