अमर नाथ शर्मा
सोनभद्र/विश्व रक्तदान दिवस समाज में मानवता, सहयोग और जीवन बचाने को मजबूत बनाने का काम करता है अक्सर हम सुनते हैं कि अस्पतालों में खून की कमी है किसी एक्सीडेंट में घायल मरीज़ को तुरंत ब्लड चाहिए किसी मां को डिलेवरी के समय ख़ून की जरूरत है या कैंसर के इलाज में बार-बार ट्रांसफ्यूजन की जरूरत पड़ती हैं ऐसे वक्त पर अगर समय पर खून न मिले तो जिन्दगी और मौत के बीच का फर्क कम होने लगता है यही पर रक्तदाता किसी फरिश्ते की तरह सामने आते हैं डॉ अनुपमा मौर्या ने कहा खून किसी फैक्ट्री में नहीं बनता इसे मशीनों से तैयार नहीं किया जा सकता यह सिर्फ इंसान ही इंसान को दे सकता हैं आप की एक छोटी सी पहल किसी अनजान इंसान के लिए जीवनदान बन सकता इसलिए कहा जाता है रक्तदान सबसे बड़ा दान है उक्त कार्यक्रम में हास्पिटल के डायरेक्टर पवित मौर्या,सुरज मौर्या व कई अन्य स्टाफ उपस्थित रहे।
